Devendra Fadanvis मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद क्या बहुमत साबित कर पाएंगे ?
Devendra Fadanvis मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद क्या बहुमत साबित कर पाएंगे ?

एक दिन में महाराष्ट्र की पूरी राजनीती बदल गयी | समझने वाली बात है के महाराष्ट्र में चलने वाली सरकार जो बनि है क्या वह सच में लोकतान्त्रिक तरीके से बानी है ? भाजपा की ये अलोकतांत्रिक निति से काफी लोग ग़ुस्से में नज़र आये | कांग्रेस ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में तो यह कह भी दिया के आज का दिन महाराट्र के इतिहास में काली शाही से लिखा जाएंगे | वही गोदी मीडिया इस फैसले को भाजपा का मास्टर स्ट्रोक बोल कर चल रही है | सोचने वाली बात है के महाराष्ट्र के फिरसे बने मुख्यमंत्री Devendra Fadanvis क्या अपना बहुमत संसद में साबित कर पाएंगे ? या इनकी भी सरकार कुछ दिनों में असंवैधानिक तरीके से बानी सरकार जल्दी से गिर जाएँगी ?

देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadanvis) कैसे बन गए फिर से मुख्यमंत्री ?

जैसे की सभी को पता ही था के कल तक महाराष्ट्र में Congress, NCP, और शिवसेना की सरकार बनने की खबर चल रही थी | और साथ ही महाराष्ट्र में राज्यपाल ने जिस दिन NCP को अपना बहुमत साबित करना था उसी दिन महाराष्ट्र के राज्यपाल ने अचानक ही राष्ट्रपति शाशन लागू कर दिया था | और साथ ही वह राष्ट्रपति शाशन आज सुबह 23 नवम्बर को अचानक ही 6 बजे के पहले राज्यपाल ने हटा भी दिया था | उसी के 2 घंटे बाद सुबह 8 बजे एक सभी मीडिया चैनल पर ब्रेकिंग न्यूज़ चली के महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस ने शपथ ग्ग्रहण कर ली है |

वही मीडिया में NCP के अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है ऐसी भी खबर आयी | पूरी मीडिया इसको शरद पवार से जोड़ कर देख रही थी | बाद में जब शरद पवार का बयान आया के महाराष्ट्र में जो भाजपा के साथ गठबंधन हुवा है उसमे NCP ने समर्थन नहीं दिया है | ये सब अजित पवार ने अपनी मर्ज़ी से भाजपा को समर्थन दिया है | साथ ही शिवसेना और NCP के साझा प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया के NCP अजित पवार के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगी | और NCP का कोई भी विधायक भाजपा के साथ नहीं जाएंगे जो भी जाएगा पार्टी उसके खिलाफ भी कार्यवाही करेंगी |

शिवसेना – महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शाशन लगाने के लिए भाजपा की पहले से ही थी शाजिश

साथ ही कांग्रेस ने इस पुरे दृश्य की निंदा करते हुवे भाजपा की महाराष्ट्र में बानी नयी सरकार का नाम इतिहास में काली शाही से लिखा जाएंगे ऐसा बयान अपने प्रेस कांफ्रेंस में कहा | देखा जाये तो महाराष्ट्र में चल रही राजनीती भाजपा के इस कारनामे के बाद काफी घटिया मोड़ पर आ चुकी है | 2014 में देवेंद्र फडनविस्ने सभी के सामने पुरे दिन दिहाड़े मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी | वही इस बार उन्होंने चोरो के जैसे चुप चाप में दिन निकलने से पहले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर महाराष्ट्र की जनता को ठगने जैसा कर दिया |

जब किसानो से अजित पवार का भाजपा को समर्थन देने पर सवाल किया तब उन्होंने कहा के हमने न्याय पूर्वक एक भरोसे के साथ भाजपा के खिलाफ अपना मत NCP के विधायकों को दिया था पर अब उन लोगो ने भी सत्ता के लालच में आ कर हमे धोखा दे दिया | किसान खुदको इस अवस्था में ठगा महसूस कर रहे थे | साथ ही जिस सरकार ने महाराष्ट्र के किसानो के लिए कुछ भी अच्छा नहीं किया वही आज महाराष्ट्र के सभी किसानो के दिमाग में बस गया है | अब देखना यह होगा के इतने विरोध के बाद भी क्या देवेंद्र फडणवीस अपना बहुमत संसद में साबित कर पाते है या नही |