कर्णाटक में कुछ दिनों से माहौल गरमाया हुवा था | कांग्रेस और JDS की गठबंधन सरकार आखिर कार कर्णाटक में गिर गयी | और BS Yaddyurappa ने लिया चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ | बता दे की कुछ दिनों पहले JDS और कांग्रेस की सरकार कर्णाटक में बहुमत बानी थी | कुमारस्वामी जो की JDS के अध्यक्ष्य थे उनको गठबंधन ने अपना मुख्यमंत्री घोषित किया था |

गठबंधन की सरकार अच्छी चल ही रही थी के कुछ दिन पहले ही कांग्रेस और जेडीएस के कुछ नेताओ ने अपना इस्तीफा दिया | उसके बाद ही कर्नाटक में कांग्रेस पर खतरा मंडराने लग गया था | कांग्रेस और JDS की गठबंधन सरकार गिरते ही बीजेपी के पास बहुमत वाला आकड़ा था | और साथ ही साथ कर्णाटक में बीजेपी की सरकार फिरसे बन गयी | कांग्रेस और जेडीएस के कुछ नेता इसमें भाजपा की शाजिश बता रहे है | कहा जा रहा है के इसमें १०० करोड़ से ज्यादा पैसे भाजपा ने इस्तीफा देने वाले नेताओ को खिलाये | और उनको इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया |

BS Yaddyurappa ने मुख्यमंत्री पद को संभाला

इस जोड़ तोड़ की सरकार गिरते ही BS Yaddyurappa ने मुख्यमंत्री पद को संभल कर कर्णाटक भी भाजपा के हाथो सोप दिया | BS Yaddyurappa काफी दिनों से मुख्यमंत्री पद के लिए तैयार थे | और सरकार गिरते ही मुख्यमंत्री पद BS Yaddyurappa के पास आ गया | और भाजपा ने अपना बहुमत विधानसभा में साबित कर दिया | कुमारस्वामी को बोहत सारे अवसर मिले अपना बहुमत साबित करने के लिए | पर कुमारस्वामी अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए | और बीएस येदियुरप्पा ने सरकार गिरते ही सदन में अपना बहुमत साबित कर ले लिया मुख्यमंत्री पद की शपथ |

इसे इलेक्ट्रॉनिक गोदी मीडिया ने दिया मिशन कमल नाम | और किसीने भी यह सवाल नहीं पूछा के इतने सारे लोग कांग्रेस और JDS के इस्तीफा क्यों दे रहे है | मीडिया ने उल्टा कांग्रेस और जेडीएस पर ही आरोप लगया के आपने अपने विधायकों को क्यों नहीं बचाया | और साथ ही साथ उन्होंने रिश्वत को बढ़ावा देते हुवे भाजपा को विजय घोषित करवा दिया | मीडिया का आवाज़ न उठाना सबसे बड़ा कारण था इस सरकार का गिरने में |